14 Best Moral Stories In Hindi for kids | Ethical Stories 2022

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The latest best moral stories in Hindi little kids good is a good way to spread the message. All children love these inspirational moral stories. You can teach a new thing to children through a story. These are great short stories in Hindi with a moral collection for kids and youngsters.

Here we have provided the best moral stories in Hindi. These short stories kids love to hear. Here you will find short moral stories for kids. You can tell this story to your children, students, and little kids. These moral stories will have a great impact on your life.

Below are 14 different moral stories for kids in Hindi. This story will teach you a lot of new things. There are many things in this story that you can implement in your life. These Hindi stories for kids are the best way to provide good value to kids. Here you will find both new and old short moral stories.

We have created a list of short moral stories for kids that you will love. In this list, we have included the best inspirational moral stories. You and your children will love this Hindi moral stories collection.

Best Moral Hindi Stories

“लालची शेर की कहानी” is a nice moral story. Let us start with this story and learn something new.

1. लालची शेर की कहानी

फिर कुछ देर धुंडने के बाद उसे रास्ते में एक हिरन मिला, उसने उसका पीछा किया लेकिन चूँकि वो बहुत से खाने की तलाश कर रहा था ऐसे में वो थक गया था, जिसके कारण वो हिरन को पकड़ नहीं पाया.

अब जब उसे कुछ भी खाने को नहीं मिला तब वो वापस उस खरगोश को खाने के विषय में सोचा. वहीँ जब वो वापस उसी स्थान में आया था उसे वहां पर कोई भी खरगोश नहीं मिला क्यूंकि वो वहां से जा चूका था. अब शेर काफ़ी दुखी हुआ और बहुत दिनों तक उसे भूखा ही रहना पड़ा.

नैतिक शिक्षा: इस कहानी से हमें ये सिख मिलती है की अत्यधिक लोभ करना कभी भी फलदायक नहीं होता है.

Moral: From this story we learn that excessive greed is never fruitful.

2. सुई देने वाली पेड़ की कहानी

एक जंगल के पास दो भाई रहा करते थे. इन दोनों में से जो भाई बड़ा था वो बहुत ही ख़राब बर्ताव करता था छोटे भाई के साथ. जैसे की वो प्रतिदिन छोटे भाई का सब खाना ख लेता था और साथ में छोटे भाई के नए कपड़े भी खुद पहन लेता था.

एक दिन बड़े भाई ने तय किया की वो पास के जंगल में जाकर कुछ लकड़ियाँ लायेगा जिसे की वो बाद में बाज़ार में बेच देगा कुछ पैसों के लिए.

जैसे ही वह जंगल में गया वहीं वो बहुत से पेड़ काटे, फ़िर ऐसे ही एक के बाद एक पेड़ काटते हुए, वह एक जादुई पेड़ पर ठोकर खाई.

ऐसे में पेड़ ने कहा, अरे मेहरबान सर, कृपया मेरी शाखाएं मत काटो. अगर तुम मुझे छोड़ दो तब, मैं तुम्हें एक सुनहरा सेब दूंगा. वह उस समय सहमत हो गया, लेकिन उसके मन में लालच जागृत हुआ. उसने पेड़ को धमकी दी कि अगर उसने उसे ज्यादा सेब नहीं दिया तो वह पूरा धड़ काट देगा।

ऐसे में जादुई पेड़, बजाय बड़े भाई को सेब देने के, उसने उसके ऊपर सैकड़ों सुइयों की बौछार कर दी. इससे बड़े भाई दर्द के मारे जमीन पर लेटे रोने लगा.

अब दिन धीरे धीरे ढलने लगा, वहीँ छोटे भाई को चिंता होने लगी. इसलिए वह अपने बड़े भाई की तलाश में जंगल चला गया. उसने उस पेड़ के पास बड़े भाई को दर्द में पड़ा हुआ पाया, जिसके शरीर पर सैकड़ों सुई चुभी थी. उसके मन में दया आई, वह अपने भाई के पास पहुंचकर, धीरे धीरे हर सुई को प्यार से हटा दिया.

ये सभी चीज़ें बड़ा भाई देख रहा था और उसे अपने पर गुस्सा आ रहा था. अब बड़े भाई ने उसके साथ बुरा बर्ताव करने के लिए छोटे भाई से माफी मांगी और बेहतर होने का वादा किया. पेड़ ने बड़े भाई के दिल में आए बदलाव को देखा और उन्हें वह सब सुनहरा सेब दिया जितना की उन्हें आगे चलकर जरुरत होने वाली थी.

नैतिक शिक्षा: इस कहानी से हमें ये सिख मिलती है की हमेशा सभी को दयालु और शालीन बनना चाहिए, क्योंकि ऐसे लोगों को हमेशा पुरस्कृत किया जाता है.

Moral: From this story we learn that everyone should always be kind and decent, because such people are always rewarded.

Short Moral Stories in Hindi

Now we will see the “यात्री और सादा पेड़” story. These are also very good Hindi short stories with morals. Through such short stories, we can make our life better. Such stories will be very useful in your life. Moral Stories in Hindi are a great way to share a good message with kids.

3. यात्री और सादा पेड़ की कहानी

आराम करते हुए उनमें से एक यात्री बोला ये पेड़ बहुत ही बेकार है। इसमें कोई भी फल नहीं लगा हुआ है, बहुत ही बेकार पेड़ है ये।

तभी पेड़ से एक आवाज़ आयी,”इतना एहसान फरामोश ना बनो। इस क्षण में तुम्हारे लिए बहुत ही फायदेमंद हूँ। तम्हे कड़कती धूप से बचा रहा हूँ और तुम मुझे बेकार कहे जा रहे हो?”

नैतिक शिक्षा: प्रकृति की बनाई हुई हर चीज़ का कोई ना कोई महत्त्व है इस लिए किसी भी चीज़ को बेकार ना समझें।

Moral: All of Nature’s creations have a good purpose. We should never belittle Nature’s creations.

4. छोटी बिल्ली और एक बूढ़े आदमी की कहानी

एक दिन एक बूढ़ा आदमी पार्क में घूम रहा था की तभी उसकी नज़र एक छोटी सी बिल्ली पर पड़ी जोकि एक सुराख में फंस गयी थी।

तब उस बूढ़े आदमी ने अपना हाथ आगे बढ़ाया और बिल्ली को निकलने की कोशिश करने लगा, परन्तु बिल्ले ने उसे पंजा मारा और उसे पास नहीं आने दिया।

आदमी ने फिर से वैसा ही किया और बिल्ली ने फिर उसे पास नहीं आने दिया। अब आदमी बार बार ये करने करने लगा और बिल्ली भी उसे बार बार हटा रही थी।

पास खड़ा एक लड़का काफी देर से देख रहा था और वो चिल्ला पड़ा की आप बिल्ली को वहीँ रहने दो ये खुद ही निकल आएगी।

पर उस आदमी ने कोई ध्यान नहीं दिया और वो कोशिश करता रहा और आखिरकार बिल्ली बहार आ ही गयी।

अब बूढ़ा आदमी उस आदमी की और गया और बोला,”ये इस बिल्ली की फितरत है की ये काटेगी, पंजा मारेगी, जैसा की इसे भगवान ने बनाया है। पर ये हमारा फ़र्ज़ है की इनको प्यार देना और इनकी देखभाल करना।”

नैतिक शिक्षा: अपने आसपास सभी के साथ नैतिकता के साथ व्यवहार करें। आप सबसे ऐसा व्यवहार करें जैसा की आप दूसरों से खुद के लिए चाहते हो।

Moral: Treat everyone around you with your ethics. Treat the people the way you want to be treated by them.

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5. बकरी और लोमड़ी की कहानी

एक बार एक लोमड़ी रात को जंगल में घूम रही थी की अचानक वो एक कुँए में जा गिरी। अब उसे समझ नहीं आ रहा था की वो करे तो क्या करे। इस लिए उसने सुबह तक का इंतज़ार करने का सोचा।

सुबह होते ही एक बकरी कुँए के पास से गुज़री और उसने लोमड़ी को देखा और कहा तुम कुँए में क्या कर रही हो ?

तो बकरी ने कहा की,” में यहाँ पानी पीने आयी हूँ और ये पानी आजतक का सबसे स्वादिष्ट पानी है,आओ तुम भी पी के देखो?” बकरी ने बिना सोचे ही कुँए में छलांग लगा दी।

थोड़ी देर पानी पीने के बाद बकरी ने बाहर जाने का सोचा तो देखा की वो वहां फंस चुकी है। अब लोमड़ी ने कहा की में तुम्हारे ऊपर चढ़ कर बाहर निकल जाता हूँ और किसी को मदद के लिए ले आऊंगा।

बेचारी भोली बकरी ने लोमड़ी की चाल नहीं समझी और बिना सोचे समझे हाँ कर दी।

अब लोमड़ी बाहर निकलते ही बकरी को बोलने लगी की,”अगर तुम इतनी भी समझदार होती तो कभी बिना समझे कुँए में नहीं आती और ऐसे नहीं फस्ती और लोमड़ी ये बोलके वहां से चली गयी।”

नैतिक शिक्षा: कोई भी निर्णय लेने से पहले सोचें। बिना सोचे समझे कोई फैसला ना लें।

Moral: Look before you leap. Do not just blindly walk in to anything without thinking.

6. सारस और भेड़िया की कहानी

एक बार एक भेड़िया किसी जानवर को खा रहा था और जल्दबाज़ी में खाते हुए उसके गले में एक हड्डी फस जाती है। काफी कोशिशें करने के बाद भी वो हड्डी उसके गले से नहीं निकलती। अब वो एक बुरी स्थिति में फस चुका था।

तभी उसको एक सारस दिखा और उसकी लम्बी चोंच दिखी। उसको देखते उसको एक सुझाव् आया की सारस उसकी मदद कर सकता है। वो मदद के लिए सारस के पास गया।

उसने सारस से कहा की वो उसकी मदद करे बदले में उसे वो उसका इनाम देगा।

पहले तो सारस घबराया की भेड़िये के मुँह में अपनी चोंच डालके निकलने से उसको कोई नुक्सान न हो पर भेड़िये के इनाम देने के लालच में उसने हाँ कर दी।

क्रेन ने जल्द ही हड्डी उसके गले से निकल दी। हड्डी निकलते ही भेड़िया चलने लग पड़ा तो सारस ने कहा, मेरा इनाम? तो भेड़िये ने कहा की,” क्या यह काफी नहीं है कि मैंने तुम्हारा सिर को बिना काटे ही अपने मुँह से बाहर निकालने दिया, यही तुम्हारा इनाम है”।

नैतिक शिक्षा: जिसको कोई आत्मसम्मान नहीं है उसकी सहायता करने के लिए किसी पुरस्कार की अपेक्षा ना करें। स्वार्थी लोगों के साथ रहने से आपको किसी प्रकार की मदद नहीं मिलेगी।

Moral: Expect no reward for serving the one who has no honor. Staying in a company of selfish people will not do anyone any favor.

New Moral Stories in Hindi

Hindi short stories with morals for kids are best for instant inspiration and motivation. All these new short moral stories in Hindi are easy to understand for us. Some of these Moral stories for kids in Hindi are new and old. You get to know a lot of new things even in old stories.

If you are interested in reading moral stories, keep reading. This is a good habit in your life. All the big successful people have the habit of reading. With Moral stories in Hindi, you can easily handle the problem in your life.

7. दो मेंढ़कों की कहानी

दल के दूसरे मेंढक गड्ढे में अपने दोस्तों के लिए चिंतित थे। गड्ढा कितना गहरा था, यह देखकर उन्होंने दो मेंढकों से कहा कि गहरे गड्ढे से बचने का कोई रास्ता नहीं है और कोशिश करने का कोई मतलब नहीं है।

वे लगातार उन्हें हतोत्साहित करते रहे क्योंकि दो मेंढक गड्ढे से बाहर कूदने की कोशिश कर रहे थे। वो दोनों जितनी भी कोशिश करते लेकिन काफ़ी सफल नहीं हो पाते।

जल्द ही, दो मेंढकों में से एक ने दूसरे मेंढकों पर विश्वास करना शुरू कर दिया – कि वे कभी भी गड्ढे से नहीं बच पाएंगे और अंततः हार मान लेने के बाद उसकी मृत्यु हो गई।

दूसरा मेंढक अपनी कोशिश जारी रखता है और आखिर में इतनी ऊंची छलांग लगाता है कि वह गड्ढे से बच निकलता है। अन्य मेंढक इस पर चौंक गए और आश्चर्य किया कि उसने यह कैसे किया।

अंतर यह था कि दूसरा मेंढक बहरा था और समूह का हतोत्साह नहीं सुन सकता था। उसने ये सोचा कि वे उसके इस कोशिश पर खुश कर रहे हैं और उसे कूदने के लिए उत्साहित कर रहे हैं !

नैतिक शिक्षा: इस कहानी से हमें ये सिख मिलती है की दूसरों की राय आपको तभी प्रभावित करेगी जब आप उसपर विश्वास करेंगे, बेहतर इसी में है की आप खुद पर ज़्यादा विश्वास करें, सफलता आपके कदम चूमेगी।

Moral: From this story we get a lesson that the opinion of others will affect you only when you believe in it, it is better that you believe in yourself more, success will kiss your feet.

8. हाथी और उसके दोस्तों की कहानी

बहुत समय पहले की बात है, एक अकेला हाथी एक अजीब जंगल में बसने आया.. यह जंगल उसके लिए नया था, और वह दोस्त बनाने के लिए देख रहा था.

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वो सबसे पहले एक बंदर से संपर्क किया और कहा, “नमस्ते, बंदर भैया ! क्या आप मेरे दोस्त बनना चाहेंगे? ” बंदर ने कहा, तुम मेरी तरह झूल नहीं सकते क्यूंकि तुम बहुत बड़े हो, इसलिए मैं तुम्हारा दोस्त नहीं बन सकता.

इसके बाद हाथी एक खरगोश के पास गया और वही सवाल पूछा. खरगोश ने कहा, तुम मेरे बिल में फिट होने के लिए बहुत बड़े हो, इसलिए मैं तुम्हारा दोस्त नहीं बन सकता.

फिर हाथी तालाब में रहने वाले मेंढक के पास गया और वही सवाल पूछा. मेंढक ने उसे जवाब दिया, तुम मेरे जितना ऊंची कूदने के लिए बहुत भारी हो, इसलिए मैं तुम्हारा दोस्त नहीं बन सकता. अब हाथी वास्तव में उदास था क्योंकि वह बहुत कोशिशों के वाबजूद दोस्त नहीं बना सका.

फिर, एक दिन, सभी जानवरों को जंगल में इधर उधर दौड़ रहे थे, ये देखकर हाथी ने दौड़ रहे एक भालू से पूछा कि इस उपद्रव के पीछे का कारण क्या है.

भालू ने कहा, जंगल का शेर शिकार पर निकला है – वे खुद को उससे बचाने के लिए भाग रहे हैं. ऐसे में हाथी शेर के पास गया और कहा कि कृपया इन निर्दोष लोगों को चोट न पहुंचाओ. कृपया उन्हें अकेला छोड़ दें.

शेर ने उसका मजाक उड़ाया और हाथी को एक तरफ चले जाने को कहा. तभी हाथी को गुस्सा आ गया और उसने शेर को उसकी सारी ताकत लगाकर धक्का दे दिया, जिससे वह घायल हो गया और वहां से भाग खड़ा हुआ.

अब बाकी सभी जानवर धीरे-धीरे बाहर आ गए और शेर की हार को लेकर आनंदित होने लगे. वे हाथी के पास गए और उससे कहा, “तुम्हारा आकार एकदम सही है हमारा दोस्त बनने के लिए !”

नैतिक शिक्षा: इस कहानी से हमें ये सिख मिलती है की एक व्यक्ति का आकार उनके मूल्य का निर्धारण नहीं करता है.

Moral: This story teaches us that a person’s size does not determine their worth.

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9. लोमड़ी और अंगूर की कहानी

बहुत दिनों पहले की बात है, एक बार एक जंगल में एक लोमड़ी को बहुत भूख लगी। उसने पूरी जंगल में छान मारा लेकिन उसे कहीं पर भी खाने को कुछ भी नहीं मिला। इतनी मेहनत से खोज करने के बाद भी , उसे कुछ ऐसा नहीं मिला जिसे वह खा सके।

अंत में, जैसे ही उसका पेट गड़गड़ाहट हुआ, वह एक किसान की दीवार से टकरा गया। दीवार के शीर्ष पर पहुँचकर, उसने अपने सामने बहुत से बड़े, रसीले अंगूरों को देखा। वो सभी अंगूर दिखने में काफ़ी ताज़े और सुंदर थे। लोमड़ी को ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वे खाने के लिए तैयार हैं।

अंगूर तक पहुँचने के लिए लोमड़ी को हवा में ऊंची छलांग लगानी पड़ी। कूदते ही उसने अंगूर पकड़ने के लिए अपना मुंह खोला, लेकिन वह चूक गया। लोमड़ी ने फिर कोशिश की लेकिन फिर चूक गया।

उसने कुछ और बार कोशिश की लेकिन असफल रहा।

अंत में, लोमड़ी ने फैसला किया कि वो अब और कोशिश नहीं कर सकता है और उसे घर चले जाना चाहिए। जब वह चला गया, तो वह मन ही मन बुदबुदाया, “मुझे यकीन है कि अंगूर वैसे भी खट्टे थे।”

नैतिक शिक्षा: इस कहानी से हमें ये सिख मिलती है की जो हमारे पास नहीं है उसका कभी तिरस्कार न करें; कुछ भी आसान नहीं आता।

Moral: This story teaches us to never despise what we do not have; Nothing comes easy.

10. मूर्ख गधा की कहानी

रास्ते में उन्हें एक नदी पार करना पड़ता था। एक दिन नदी पार करते वक्त, गधा अचानक नदी में गिर गया और नमक की थैली भी पानी में गिर गई। चूँकि नमक से भरा थैला पानी में घुल गया और इसलिए थैला ले जाने के लिए बहुत हल्का हो गया।

इसकी वजह से गधा बहुत ही खुश था। अब फिर गधा रोज वही चाल चलने लगा, इससे नमक बेचने वाले को काफ़ी नुक़सान उठाना पड़ता।

नमक बेचने वाले को गधे की चाल समझ में आ गई और उसने उसे सबक सिखाने का फैसला किया। अगले दिन उसने गधे पर एक रुई से भरा थैला लाद दिया।

अब गधे ने फिर से वही चाल चली। उसे उम्मीद थी कि रुई का थैला अभी भी हल्का हो जाएगा।

लेकिन गीला रुई (कपास) ले जाने के लिए बहुत भारी हो गया और गधे को नुकसान उठाना पड़ा। उसने इससे एक सबक सीखा। उस दिन के बाद उसने कोई चाल नहीं चली और नमक बेचने वाला खुश था।

नैतिक शिक्षा: इस कहानी से हमें ये सिख मिलती है की भाग्य हमेशा साथ नहीं देता है, हमेशा हमें अपने बुद्धि का भी इस्तमाल करना चाहिए।।

Moral: From this story we learn that fate does not always support, we should always use our intellect.

10 Lines Short Stories with Moral in Hindi

“गर्म पानी में मेंढक की कहानी” is a very good 10 Lines Short Stories with Moral in Hindi. From this short story, we will learn how to bring peace to life. Even if this story is of 10 lines, you will get good moral from it.

11. गर्म पानी में मेंढक की कहानी

एक बार एक मेंढक गर्म पानी के बर्तन में गिर जाता है। वह वर्तन आग पर रखे होने की वजह से और गरम होने लगता है।

मेंढक तब बहार निकलने की जगह अपने शरीर के तापमान को नियंत्रित कर के उसमें बैठा रहता है की वो बाद में निकल जायेगा।

पर वर्तन का पानी उबलने लगता है और मेंढ़क से अब तापमान सहन नहीं होता और वो बाहर निकलने की कोशिश में अंदर ही मर जाता है।

नैतिक शिक्षा: हम सबको परिस्थियों के अनुसार ढालना पड़ता है परन्तु कई बार जिन परिस्थियों में ज्यादा उलझने लगें तो उनसे सही समय पर बहार निकलने में ही भलाई होती है।

Moral: We all need to adjust according to the situations we face but there are times when we need to take the appropriate action when we have the strength to do so before it’s too late. Walk out before you need to jump.

12. चूहे और शेर की कहानी

एक बार एक शेर सो रहा होता है और एक चूहा उसके ऊपर चढ़ के उसकी नींद को भटका देता है।

शेर उसे गुस्से में पकड़ लेता है और उसे खाने लगता है पर चूहा उसे कहता है की, “आप अगर मुझे छोड़ दोगे तो में आपकी किसी दिन मदद जरूर करूँगा।”

यह सुनके शेर हँसता है और उसे छोड़ देता है।

कुछ दिन बाद कुछ शिकारी शेर को जाल में कैद कर लेते हैं और शेर ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगता है उसकी आवाज़ चूहा पहचान लेता है और भागता हुआ उसके पास आता है और शेर के जाल को काट के शेर को आज़ाद कर देता है।

नैतिक शिक्षा: दया अपना इनाम ज़रूर लाती है, कोई इतना छोटा नहीं है कि यह वह मदद नहीं कर सकता।

Moral: Mercy brings its reward and that there is no being so small that cannot help a greater.

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13. कबूतर और चींटी की कहानी

एक बार कड़कती गर्मियों में एक चींटी को बहुत प्यास लगी हुई थी। वो पानी की तलाश में एक नदी किनारे पहुंच गयी।

नदी में पानी पीने के लिए वो एक छोटी सी चट्टान पर चढ़ गयी और वहां पर वो फिसल गयी और फिसलते हुए नदी में जा गिरी। पानी का वहाव ज्यादा तेज़ होने से वो नदी में बहने लगी।

पास ही में एक पेड़ पर कबूतर बैठा हुआ था। उसने चींटी को नदी में गिरते हुए देख लिया।

कबूतर ने जल्दी से एक पत्ता तोडा और नदी में चींटी के पास फेंक दिया और चींटी उसपर चढ़ गयी। कुछ देर बाद चींटी किनारे लगी और वह पत्ते से उतर कर सूखी जमीं पर आ गयी। उसने पेड़ की तरफ देख और कबूतर को धन्यबाद दिया।

शाम को उसी दिन एक शिकारी जाल लेके कबूतर को पकड़ने आया।

कबूतर पेड़ पर आराम कर रहा था और उसको शिकारी के आने का कोई अंदाजा नहीं था। चींटी ने शिकारी को देख लिया और जल्दी से पास जाके उसके पॉंव पर जोर से काटा।

चींटी के काटने पर शिकारी की चीख निकल गयी और कबूतर जाग गया और उड़ गया।

नैतिक शिक्षा: कर भला हो भला। अगर आप अच्छा करोगे तो आपके साथ भी अच्छा होगा।

Moral: If you do good, good will come to you.

14. सांप और किसान की कहानी

एक बार एक किसान सर्दियों के दिनों में अपने खेतों में से गुज़र रहा था। तभी उसकी नज़र एक ठंड में सिकुड़ते हुए सांप पर पड़ी।

किसान को पता था की सांप बहुत ही खतरनाक जीव है लेकिन फिर भी उसने उसे उठाया और अपनी टोकरी में रख लिया।

फिर उसके ऊपर उनसे घास और पत्ते दाल दिए ताकि उसे कुछ गर्मी मिल जाए और वो ठण्ड की वजह से मरने से बच जाये।

जल्द ही सांप ठीक हो गया और उसने टोकरी से निकल कर उस किसान को काट लिया जिसने उसकी इतनी मदद की थी।

उसके जहर से तुरंत ही उसकी मौत हो गयी और मरते मरते उसने अपनी आखिरी साँस में यही कहा “मुझसे ये सीख लो, की कभी किसी दुष्ट (बुरे, नीच) पर दया न करो”।

नैतिक शिक्षा: कुछ लोग ऐसे होते हैं की जो अपने स्वभाव को कभी नहीं बदलते हैं, फिर चाहे हम उनके साथ कितना भी अच्छा व्यवहार करें। हमेशा उन लोगों से सावधान रहें और उनसे दूरी बनाए रखें जो केवल अपने फायदे के बारे में सोचते हैं।

Moral: There are some people who never changes their nature, regardless of how good we behave with them. So always stay alert and maintain the distance from those who only thinking about their own benefits.

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